27 नक्षत्रों को 3 गणों में बाँटा गया है — देव गण (कोमल, धार्मिक), मानव गण (संतुलित), राक्षस गण (तीव्र, स्वतंत्र)। विवाह में देव-देव या मानव-मानव सबसे शुभ; देव-राक्षस सबसे कठिन। राक्षस-राक्षस ठीक है। अपवाद नियमों से दोष निरस्त भी हो सकता है।
गणैः समानैर्विवाहो वर्धते सुखकारकः।
— समान गणों के विवाह में सुख की वृद्धि होती है।
📿 बृहत् पराशर होरा शास्त्र, अध्याय 79
मेरी राय में देव-राक्षस गण विवाह तभी सफल होता है जब प्रेम बहुत गहरा हो, या दोनों ने आध्यात्मिक रूप से एक-दूसरे को स्वीकार कर लिया हो। साधारण arranged marriage में यह combination कठिन है।
गण विरोध हो तो — महामृत्युंजय का सम्मिलित जप, गण-दोष शांति पूजा, ब्राह्मण-भोजन। दोनों जीवनसाथी रोज़ साथ ध्यान करें — स्वभाव संतुलित होता है।
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