दुकान/ऑफिस के मुख्य वास्तु नियम — मालिक का बैठने का स्थान दक्षिण-पश्चिम (पीठ दक्षिण की ओर, मुख उत्तर/पूर्व); गल्ला/cash counter दक्षिण-पूर्व; ग्राहक की entry उत्तर/पूर्व से; भारी सामान दक्षिण/पश्चिम; light material उत्तर/पूर्व। मुख्य द्वार साफ रखें और प्रवेश पर तुलसी/स्वस्तिक।
व्यापारस्य गृहे सम्यक् दिशापालः फलप्रदः।
— व्यापार के स्थान में सही दिशा-पालन ही फलदायी होता है।
📿 विश्वकर्मा वास्तु शास्त्र
एक dukan-owner client — 2 साल loss में चल रहा था। visit किया तो counter उल्टा था (मालिक का मुख दक्षिण), entry गलत direction से। मैंने rearrange करवाया, उत्तर-पूर्व में cash plant और दीप, और आग्नेय में cash counter। 6 महीने में profit मेंshift हो गया। वास्तु में सच्चाई है।
हर शुक्रवार सुबह दुकान/office में लक्ष्मी मंत्र (108 बार)। मुख्य द्वार पर हल्दी-कुमकुम स्वस्तिक। उत्तर-पूर्व में तुलसी पौधा। आग्नेय में cash plant। हर माह अमावस्या को नमक-पानी से वास्तु शुद्धि।
हर कुंडली अद्वितीय होती है। 33+ वर्षों के अनुभव के साथ आचार्य Vivek Mudgal आपकी जन्म कुंडली का गहन Parashari विश्लेषण करेंगे।
🪔 आज केवल 3 personal consultation slots उपलब्ध हैं
अभी Book करेंऔर भी देखें
आचार्य Vivek जी द्वारा निर्मित — सभी निःशुल्क, सटीक, और पराशरीय शास्त्र पर आधारित।
Swiss Ephemeris + पराशरीय फलादेश
खोलें36 गुण + मांगलिक विश्लेषण
खोलें12 राशियाँ + आज का आकाश दर्शन
खोलेंतिथि, नक्षत्र, राहु काल, मुहूर्त
खोलें3-card spread + combined reading
खोलेंमूलांक + भाग्यांक विश्लेषण
खोलेंमन्त्र, रुद्राक्ष, रत्न — 9 ग्रह
खोलें ₹99AI पराशरीय उत्तर • मात्र ₹99
खोलें47+ शास्त्र-सम्मत प्रश्नोत्तर
खोलेंपराशरीय लेख + remedies
खोलें