वास्तु शास्त्र भवन-निर्माण और दिशा-संबंधी प्राचीन भारतीय विज्ञान है। यह 5 तत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) और 8 दिशाओं के संतुलन पर आधारित है। सही वास्तु से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है — स्वास्थ्य, समृद्धि, और सुख-शांति बढ़ती है। गलत वास्तु तनाव, धन-हानि, स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है।
वास्तुपुरुषस्य देहे विद्यन्ते सर्वदेवताः।
— वास्तु-पुरुष के शरीर में सभी देवताओं का निवास होता है।
📿 मय मतम् (वास्तु शास्त्र)
मेरे क्लाइंट्स में 60% ऐसे होते हैं जिनकी समस्याओं का एक बड़ा कारण वास्तु-दोष होता है। उत्तर-पूर्व में shauchalaya (toilet) या south-west में किचन — ये दो सबसे common दोष हैं। बिना तोड़-फोड़ के भी 70% वास्तु दोष pyramids, mirrors, यंत्र, और पौधों से ठीक हो जाते हैं।
मुख्य द्वार पर हल्दी-कुमकुम का स्वस्तिक — उत्तर-पूर्व में तुलसी का पौधा — दक्षिण-पश्चिम में भारी सामान — रसोई दक्षिण-पूर्व में रखें। अधिक complex दोषों के लिए सम्पूर्ण वास्तु visit आवश्यक।
हर कुंडली अद्वितीय होती है। 33+ वर्षों के अनुभव के साथ आचार्य Vivek Mudgal आपकी जन्म कुंडली का गहन Parashari विश्लेषण करेंगे।
🪔 आज केवल 3 personal consultation slots उपलब्ध हैं
अभी Book करेंऔर भी देखें
आचार्य Vivek जी द्वारा निर्मित — सभी निःशुल्क, सटीक, और पराशरीय शास्त्र पर आधारित।
Swiss Ephemeris + पराशरीय फलादेश
खोलें36 गुण + मांगलिक विश्लेषण
खोलें12 राशियाँ + आज का आकाश दर्शन
खोलेंतिथि, नक्षत्र, राहु काल, मुहूर्त
खोलें3-card spread + combined reading
खोलेंमूलांक + भाग्यांक विश्लेषण
खोलेंमन्त्र, रुद्राक्ष, रत्न — 9 ग्रह
खोलें ₹99AI पराशरीय उत्तर • मात्र ₹99
खोलें47+ शास्त्र-सम्मत प्रश्नोत्तर
खोलेंपराशरीय लेख + remedies
खोलें