♈♉♊♋♌♍♎♏♐♑♒♓
ॐ
Ask Guruji
Back to Blog
Vivek Mudgal AstrologerVivek Mudgal Astrologer Puja 17 October 2026 Last updated 17 October 2026

दीपावली 2026: लक्ष्मी पूजा कब करें? जानिए प्रदोष, निशीथ और महानिशीथ काल, लक्ष्मी-कुबेर पूजा मुहूर्त

दीपावली 2026 में लक्ष्मी पूजा रविवार, 8 नवंबर को मनाएं। दिल्ली-NCR में मुख्य मुहूर्त शाम 5:54 से 7:50 बजे तक और दुबई में शाम 5:58 से 7:56 बजे तक है, जो प्रदोषकाल के भीतर वृषभ (स्थिर) लग्न पर आता है। इसी समय लक्ष्मी, गणेश, कुबेर व बही-खाता पूजन श्रेष्ठ रहेगा। निशीथ व महानिशीथ काल केवल विशेष साधना के लिए हैं।

दीपावली 2026: लक्ष्मी पूजा कब करें? जानिए प्रदोष, निशीथ और महानिशीथ काल, लक्ष्मी-कुबेर पूजा मुहूर्त

दीपावली 2026: लक्ष्मी पूजा कब करें? जानिए प्रदोष, निशीथ और महानिशीथ काल, लक्ष्मी-कुबेर पूजा मुहूर्त

सीधा उत्तर

दीपावली 2026 में लक्ष्मी पूजा रविवार, 8 नवंबर को मनाएं। दिल्ली-NCR में मुख्य मुहूर्त शाम 5:54 से 7:50 बजे तक और दुबई में शाम 5:58 से 7:56 बजे तक है, जो प्रदोषकाल के भीतर वृषभ (स्थिर) लग्न पर आता है। इसी समय लक्ष्मी, गणेश, कुबेर व बही-खाता पूजन श्रेष्ठ रहेगा। निशीथ व महानिशीथ काल केवल विशेष साधना के लिए हैं।

मुख्य निष्कर्ष
  • 8 नवंबर 2026 (रविवार) को दीपावली है और यही दिन लक्ष्मी पूजा के लिए मुख्य है।
  • दिल्ली-NCR का मुहूर्त: 5:54 से 7:50 PM IST (प्रदोषकाल में वृषभ लग्न)।
  • दुबई का मुहूर्त: 5:58 से 7:56 PM GST (प्रदोषकाल में वृषभ लग्न)।
  • मुख्य लक्ष्मी पूजा प्रदोषकाल व स्थिर लग्न, दोनों के योग में करें।
  • निशीथ/महानिशीथ काल विशिष्ट साधनों हेतु; गृहस्थों के लिए उपयुक्त नहीं।
  • लक्ष्मी, गणेश, कुबेर, सरस्वती व बही-खाता पूजन अवश्य करें।
  • पूजा का समय अपने शहर/देश के स्थानीय पंचांगानुसार ही चुनें।

🕉️ परिचय

दीपावली, भारतीय संस्कृति का सर्वाधिक महत्वपूर्ण और शुभ पर्व है। इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान गणेश, सरस्वती और कुबेर की विधिपूर्वक पूजा करने का विशेष विधान है। दीपावली धन, ऐश्वर्य, समृद्धि और शुभता की प्रतीक मानी जाती है। भारत ही नहीं, विदेशों—विशेषकर दुबई जैसे नगरों—में बसे प्रवासी भारतीयों के लिए भी यह पर्व सामाजिक और आध्यात्मिक एकता का अवसर है। सही मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन से जीवन में आर्थिक स्थिरता, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

📅 तिथि व मुहूर्त

दीपावली 2026 रविवार, 8 नवंबर को है। नीचे, दिल्ली-NCR और दुबई के लिए मुख्य पूजा समय विस्तार से दिया गया है:

  • दिल्ली-NCR: लक्ष्मी पूजा मुहूर्त — 5:54 PM से 7:50 PM IST (1 घंटा 56 मिनट), प्रदोषकाल के भीतर वृषभ (स्थिर) लग्न।
  • दुबई: लक्ष्मी पूजा मुहूर्त — 5:58 PM से 7:56 PM GST (1 घंटा 57 मिनट), प्रदोषकाल में वृषभ काल।

प्रदोषकाल (दिल्ली: 5:31–8:09 PM, दुबई: 5:35–8:10 PM) — यह समय सूर्यास्त के बाद प्रारंभ होता है, जब लक्ष्मी पूजन सर्वाधिक शुभफलदायक होता है।
वृषभ काल (स्थिर लग्न): इसी प्रदोषकाल के भीतर लक्ष्मी पूजन का सर्वश्रेष्ठ काल है, जिससे धन-सम्पत्ति में स्थिरता, कारोबार में वृद्धि तथा जीवन में ऐश्वर्य का वरदान मिलता है।

गौरी, गणेश के पूजन के उपरांत ही माता लक्ष्मी का पूजन शास्त्रसम्मत है।

अतः दीपावली पर लक्ष्मी पूजा में पहले गौरी-गणेश का विधिवत पूजन करना चाहिए और उसके बाद माता लक्ष्मी का पूजन करना शास्त्रसम्मत माना गया है।

ध्यान दें: पूजा का मुहूर्त स्थानीय पंचांग एवं समय पर ही निर्भर करता है; अन्य शहर या देश का समय न अपनाएँ। खासतौर से दुबई व अन्य देशों के भारतीयों के लिए स्थानीय सूत्रों से समय देखें।

📜 पौराणिक कथा

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्रमंथन के समय माता लक्ष्मी का प्राकट्य कार्तिक अमावस्या की रात्रि को हुआ था। उस रात्रि देवराज इन्द्र व अन्य देवताओं ने पृथ्वी पर दीप-प्रज्वलन से उनका स्वागत किया था। उसी दिन से लक्ष्मी पूजन एवं दीपदान का प्रचलन प्रारंभ हुआ। एक अन्य कथा के अनुसार, माता लक्ष्मी इस दिन रात्रि में अपने भक्तों के घर भ्रमण करती हैं और जिनके यहां स्वच्छता, दीप, सजावट व शुभता होती है, वहीं स्थायी रूप से निवास करती हैं। अतः दीपावली स्वच्छता, उज्ज्वलता और समृद्धि का प्रतीक पर्व है।

📚 शास्त्रीय संदर्भ

धर्मसिन्धु, निर्णयसिन्धु, हरिभक्ति-विलास एवं पुराणों में वर्णित व्रत-निर्णय सिद्धांतों के आधार पर यह निष्कर्ष प्रस्तुत किया गया है।

🛕 पूजा विधि

दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश, सरस्वती, कुबेर व बही-खाता पूजन निम्न विधि से करें:

  1. साफ-सफाई एवं तैयारी: घर व पूजा स्थान को अच्छे से स्वच्छ करें, रंगोली बनाएं, दीपक प्रज्वलित करें तथा पूजा-चौकी तैयार करें।
  2. पूजा सामग्री: लक्ष्मी-गणेश प्रतिमा/चित्र, चौकी, लाल/पीला वस्त्र, कलश/नारियल, आम के पत्ते, पुष्प, माला, धूप, दीप, कुमकुम, अक्षत, मिठाई, फल, पंचामृत आदि।
  3. संकल्प: शुद्ध होकर अपने नाम, गोत्र और पूजा के उद्देश्य से संकल्प लें।
  4. गणेश पूजन: सर्वप्रथम भगवान गणेश की पूजा “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र से करें।
  5. कलश स्थापना: जल-कलश में अक्षत, सुपारी, मुद्रा डालकर, आम के पत्ते-नारियल से संकलित करें।
  6. लक्ष्मी पूजन: माता लक्ष्मी को कुमकुम, पंचामृत, पुष्प, माला, घी-दीप, नैवेद्य, दक्षिणा अर्पित करें। “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मन्त्र जपें।
  7. सरस्वती पूजन: बुद्धि और विद्या के लिए माता सरस्वती का स्मरण करें।
  8. कुबेर पूजन: व्यापारी समुदाय — श्री कुबेरजी की पूजा एवं बही-खाता/तिजोरी का पूजन करें।
  9. दीपदान: घर के प्रत्येक द्वार, खिड़की, आंगन, व्यापार स्थल पर दीपक जलाएँ।
  10. आरती एवं प्रसाद: लक्ष्मी-गणेश की आरती करें; सभी सदस्य प्रसाद लें, घर-परिवार के सुख-सौभाग्य की प्रार्थना करें।

🍚 व्रत नियम

  • दीपावली व्रत प्रायः गृहस्थों के लिए लक्ष्मी पूजन-पूर्व दिनभर में उपवास या फलाहार स्वरूप मनाया जाता है, किंतु यह अनिवार्य नहीं है।
  • अमावस्या तिथि पर रात्रि में प्रदोषकाल अथवा वृषभ स्थिर लग्न में ही पूजा करें।
  • पूजन से पूर्व स्नान, स्वच्छ वस्त्र धारण करें तथा मानसिक शुद्धता रखें।
  • पूजा-पश्चात घर/दुकान में दीपदान अवश्य करें।
  • पूजा का संकल्प परिवार व समृद्धि हेतु किया जाए। किसी प्रकार की असत्य, छल-कपट, विवाद, अशुद्धता आदि से बचें।

🌅 पारण समय

दीपावली अगली तिथि पर पारण का विधान नहीं है, बल्कि रात्रि में पूजा-अर्चना के बाद आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ पर्व की पूर्णता मानी जाती है। मुख्य लक्ष्मी पूजा समाप्ति (दिल्ली में 7:50 PM, दुबई में 7:56 PM) के पश्चात परिवार-सम्मिलित आरती व दीपदान करें। निशीथ/महानिशीथ काल में सामान्यतः पारण या मुख्य पूजन नहीं किया जाता; यह केवल विशेष साधना/उपासना पद्धतियों के लिए आरक्षित है।

✨ आध्यात्मिक महत्व

दीपावली की रात्रि, अंधकार पर प्रकाश एवं अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक है। लक्ष्मी पूजन केवल भौतिक धन-संपदा के लिए नहीं, अपितु स्थिरता, मानसिक शांति, परिवार में सद्भाव, समृद्धि एवं धर्म-संस्कार की स्थापना हेतु भी आवश्यक है। प्रदोषकाल और स्थिर (वृषभ) लग्न में पूजन करने से जीवन में स्थायित्व, व्यवसाय में वृद्धि, ऋण-मुक्ति व नैतिक मूल्य पुष्ट होते हैं। विशेष रूप से विदेशों में रह रहे भारतीयों के लिए दीपावली अपनी पहचान, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों की पुनर्स्थापना का उत्कृष्ठ अवसर है।

❓ FAQ

  • 1. दीपावली 2026 कब है?
    8 नवंबर 2026, रविवार को।
  • 2. दिल्ली में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
    5:54 PM से 7:50 PM IST — प्रदोषकाल और वृषभ लग्न में।
  • 3. दुबई में लक्ष्मी पूजा कब करनी चाहिए?
    5:58 PM से 7:56 PM GST — प्रदोषकाल और वृषभ काल में।
  • 4. प्रदोषकाल और वृषभ लग्न क्यों महत्वपूर्ण हैं?
    ये समय और लग्न शुभता, स्थायित्व व ऐश्वर्य हेतु श्रेष्ठ माने गए हैं।
  • 5. चौघड़िया देख कर भी पूजा कर सकते हैं?
    हां, चौघड़िया शुभ-अमृत-चर में पूजा हो सकती है, किन्तु वृषभ लग्न को प्राथमिकता दें।
  • 6. निशीथ और महानिशीथ काल कब है?
    दिल्ली में 11:39 PM–12:31 AM, दुबई में 11:37 PM–12:29 AM (सामान्य गृहस्थ के लिए पूजा काल नहीं)।
  • 7. कुबेर पूजन कैसे करें?
    लक्ष्मी-गणेश पूजन के बाद, व्यापार स्थल या बही-खाता तथा तिजोरी पर फूल, दीप व धूप अर्पित कर कुबेर मंत्र जपें।
  • 8. सरस्वती पूजन का तरीका क्या है?
    लक्ष्मी-गणेश पूजन के साथ ही मां सरस्वती का चित्र स्थापित करें, पुष्प, दीप व नैवेद्य अर्पण करें।
  • 9. क्या पूजा की सामग्री में भिन्नता हो सकती है?
    हां, परिवारिक एवं क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार बदलाव संभव है।
  • 10. दिल्ली और दुबई का पूजा समय एक जैसा क्यों नहीं?
    क्योंकि स्थानीय सूर्यास्त, प्रदोषकाल और लग्न हर नगर/देश में भिन्न-भिन्न होते हैं।
  • 11. क्या दीपावली व्रत सभी के लिए अनिवार्य है?
    नहीं, यह स्वैच्छिक व्रत है, पर शुद्धता एवं आस्था रखें।
  • 12. लक्ष्मी-गणेश के बाद किसका पूजन करें?
    सरस्वती, कुबेर और व्यापार/तिजोरी (यदि व्यापारी हैं)।
  • 13. दीपदान कब करें?
    लक्ष्मी पूजा के पश्चात—मुख्य द्वार, आंगन, खिड़की आदि पर।
  • 14. क्या निशीथ काल में पूजा करना वर्जित है?
    सामान्य गृहस्थों के लिए निशीथ काल पूजा उपयुक्त नहीं; विशेष साधना हेतु आरक्षित।
  • 15. एक ही शहर में पूजा मुहूर्त बदल सकता है?
    हां, नगर/कॉलोनी के पंचांगानुसार 1-2 मिनट का अंतर आ सकता है।

🏁 निष्कर्ष

दीपावली 2026, रविवार 8 नवंबर को मनाई जाएगी। लक्ष्मी-गणेश-कुबेर पूजन का श्रेष्ठ समय दिल्ली-NCR के लिए 5:54–7:50PM IST और दुबई के लिए 5:58–7:56PM GST है, क्योंकि यह समय प्रदोषकाल के साथ स्थिर वृषभ लग्न का संगम है। सही विधि, शुद्धता और श्रद्धा से लक्ष्मी पूजन कर जीवन में स्थायित्व, ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि प्राप्त करें। सबसे प्रमुख—स्थान विशेष के अनुसार ही मुहूर्त निर्धारण करें, अन्यत्र का समय न अपनाएँ।

🕉️ क्या आप अपने जीवन की किसी समस्या से ग्रसित हैं?

अपने जन्म विवरण के आधार पर व्यक्तिगत ज्योतिषीय, धार्मिक एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त करें।

पूछो गुरुजी →

आचार्य विवेक मुद्गल
33+ वर्षों के अनुभवी पाराशरी वैदिक ज्योतिषाचार्य, शोधकर्ता एवं संस्थापक – ViratAstro.cloud

🔮 पूछो गुरुजी
Vivek Virat Mudgal — Founder of ViratAstro
Author·Founder · ViratAstro

Vivek Virat Mudgal

Vedic Astrologer · Parashari Jyotish Expert · Vastu Consultant

33+ years of dedicated practice in Vedic Astrology & Parashari Jyotish. Featured on News Nation. Trusted by 33,000+ clients across 14+ countries. All articles on ViratAstro are written and reviewed by Acharya Vivek जी to ensure shastra-shudh accuracy.

33+ years experience Featured on News Nation Faridabad, India
गणेश चतुर्थी 2026: कब है, पूजा मुहूर्त, महत्व
Puja

गणेश चतुर्थी 2026: तिथि, पूजा विधि, मुहूर्त व महत्व | ViratAstro

गणेश चतुर्थी 2026 पर जानें पूजा मुहूर्त, व्रत नियम, पौराणिक कथा, विसर्जन तिथि और आध्यात्मिक महत्व। 14 सितंबर 2026, सोमवार को भव्य गणेशोत्सव।

पढ़ें
12 जुलाई 2026 रवि प्रदोष व्रत, पूजा मुहूर्त, महत्व, नियम और संपूर्ण जानकारी
Puja

12 जुलाई 2026 रवि प्रदोष व्रत पूजन मुहूर्त और महत्व |… | ViratAstro

12 जुलाई 2026 को रवि प्रदोष व्रत का सही पूजन मुहूर्त, नियम और महत्व जानिए और शिव पूजा से आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करें। अभी पूरी जानकारी पढ़ें।

पढ़ें
विजयादशमी 2026: दशहरा कब है? शस्त्र-शास्त्र पूजन, पूजा विधि, विजय मुहूर्त और जौ के अंकुर का महत्व
Puja

विजयादशमी 2026 तिथि, दशहरा पूजा विधि, शस्त्र-शास्त्र पूजन और जौ…

विजयादशमी 2026 भारत में मंगलवार, 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। जानें दशहरा तिथि, विजय मुहूर्त, शस्त्र-शास्त्र पूजन, पूजा विधि और जौ के अंकुर की परंपरा का महत्व।

पढ़ें
पितृ पक्ष 2026: श्राद्ध की तिथियां, कब करें श्राद्ध और पितृ पक्ष का महत्व
Puja

पितृ पक्ष 2026: श्राद्ध तिथियां, विधि व महत्व | पूर्णिमा व…

पितृ पक्ष 2026 की तिथियां, पूर्णिमा श्राद्ध, सर्वपितृ अमावस्या, श्राद्ध का समय, विधि, नियम व आध्यात्मिक महत्व विस्तार से पढ़ें। स्थानीय पंचांग से समय अवश्य मिलाएं।

पढ़ें
नवग्रह शांति पूजा: कब, क्यों और कैसे करें?
Puja

नवग्रह शांति पूजा: कब, क्यों और कैसे करें ऑनलाइन जानकारी

नवग्रह शांति पूजा से ग्रह दोष कम होते हैं और जीवन में सुख-शांति मिलती है। सही विधि जानें और आज ही पूजा करें। जानिए प्रत्येक ग्रह की शांति पूजा का विधान और लाभ।

पढ़ें

Share this article

Need personal guidance?

Talk to Acharya Vivek जी directly

33+ years of Vedic experience. Featured on Zee News, Aaj Tak, ABP News, News18. WhatsApp Acharya जी directly or book a personal consultation.

🔒 100% private · 🪔 33+ years experience · 🌍 14+ countries served