हाँ, कुंडली में दूसरी शादी के specific योग होते हैं — 7 भाव में दो ग्रह, सप्तमेश 8/12 में, मंगल+शनि के विशेष संयोग, या नवांश में 7 भाव कमजोर। पहली शादी असफल होने या जीवनसाथी की मृत्यु पर ही दूसरी होती है। यह 'curse' नहीं — सिर्फ एक specific path है।
सप्तमे द्विग्रहाद्द्वितीयविवाहसम्भवः।
— सप्तम भाव में दो ग्रह होने पर दूसरे विवाह की संभावना होती है।
📿 मानसागरी, अध्याय 5
मेरे पास 2nd marriage के बारे में बहुत questions आते हैं — विशेषकर तलाक के बाद। मैं हमेशा कहता हूं — पहले समझें कि पहली शादी क्यों असफल हुई (कुंडली का कौन सा factor responsible था), उस factor को address करें — फिर दूसरी शादी consider करें। बिना cause-fix किए दूसरी भी कठिन हो सकती है।
दूसरी शादी से पहले — पहली शादी के असफलता के कारण कुंडली से समझें, उपाय करें। दूसरी कुंडली full मिलान। पुनर्विवाह से पहले शिव-पार्वती की पूजा, महामृत्युंजय जप।
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