राहु और केतु छाया-ग्रह हैं — भौतिक नहीं, परंतु जीवन पर सबसे गहरा प्रभाव डालते हैं। राहु — सांसारिक इच्छाएँ, विदेश-यात्रा, अप्रत्याशित घटनाएँ, technology, माया। केतु — आध्यात्मिकता, अंतर्दृष्टि, मोक्ष, अकेलापन, गहन ज्ञान। दोनों हमेशा 180° पर — एक की दशा 18 साल की है (राहु), दूसरे की 7 साल (केतु)।
राहुस्तु छाया तमरूपी बहुदोषकरः फलैः। केतुश्च मोक्षदातास्ति विरक्तं ज्ञानवर्धनः॥
— राहु छाया-तम रूप वाला बहु-दोषकारक है, और केतु मोक्षदाता विरक्ति-ज्ञान को बढ़ाने वाला है।
📿 सारावली, अध्याय 35
राहु-केतु ग्रह नहीं, 'mathematical points' हैं — परंतु इनकी दशा के 18+7 = 25 साल जीवन में सबसे transformative होते हैं। मेरे पास अधिकांश 'अचानक life changes' वाले case राहु-केतु महादशा वाले होते हैं।
राहु: मारुति आराधना, राहु यंत्र, गोमेद (कुंडली देखकर)। केतु: गणेश आराधना, सिद्ध मंदिर दर्शन, ब्राह्मण-दान। काले-सफेद कंबल का दान दोनों के लिए।
हर कुंडली अद्वितीय होती है। 33+ वर्षों के अनुभव के साथ आचार्य Vivek Mudgal आपकी जन्म कुंडली का गहन Parashari विश्लेषण करेंगे।
🪔 आज केवल 3 personal consultation slots उपलब्ध हैं
अभी Book करेंऔर भी देखें
आचार्य Vivek जी द्वारा निर्मित — सभी निःशुल्क, सटीक, और पराशरीय शास्त्र पर आधारित।
Swiss Ephemeris + पराशरीय फलादेश
खोलें36 गुण + मांगलिक विश्लेषण
खोलें12 राशियाँ + आज का आकाश दर्शन
खोलेंतिथि, नक्षत्र, राहु काल, मुहूर्त
खोलें3-card spread + combined reading
खोलेंमूलांक + भाग्यांक विश्लेषण
खोलेंमन्त्र, रुद्राक्ष, रत्न — 9 ग्रह
खोलें ₹99AI पराशरीय उत्तर • मात्र ₹99
खोलें47+ शास्त्र-सम्मत प्रश्नोत्तर
खोलेंपराशरीय लेख + remedies
खोलें