हाँ, शास्त्रों में उल्लेख है कि 28 वर्ष की आयु के बाद मांगलिक दोष का प्रभाव कम हो जाता है क्योंकि उस समय तक मंगल का शनि ट्रांज़िट पूर्ण हो जाता है। परंतु यह 'पूर्णतः समाप्त' नहीं होता — विशेष परिस्थितियों में प्रभाव रह सकता है।
अष्टाविंशत्यब्दानां भौमदोषो विनश्यति।
— अट्ठाईस वर्ष की आयु के बाद मंगल दोष का प्रभाव क्षीण हो जाता है।
📿 मानसागरी, अध्याय 4
मैंने कई ऐसे केस देखे हैं जहाँ 30+ की उम्र में मांगलिक व्यक्ति का विवाह हुआ और सफल रहा। पर इसका मतलब यह नहीं कि 28 के बाद कुंडली देखे बिना ही निर्णय ले लें। सावधानी आवश्यक है।
यदि आयु 28+ है और विवाह में देरी हो रही है — मंगल शांति पाठ, हनुमान साधना, मंगल यंत्र की पूजा करें। 21 मंगलवार का व्रत विशेष लाभकारी।
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