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क्या मांगलिक दोष किसी उम्र के बाद समाप्त हो जाता है?

हाँ, शास्त्रों में उल्लेख है कि 28 वर्ष की आयु के बाद मांगलिक दोष का प्रभाव कम हो जाता है क्योंकि उस समय तक मंगल का शनि ट्रांज़िट पूर्ण हो जाता है। परंतु यह 'पूर्णतः समाप्त' नहीं होता — विशेष परिस्थितियों में प्रभाव रह सकता है।

वैदिक ज्योतिष में '28 वर्ष का नियम' एक प्रसिद्ध मान्यता है। तर्क यह है कि शनि (कर्म-कारक) के एक संपूर्ण चक्र (28 वर्ष) के बाद व्यक्ति का जीवन परिपक्वता प्राप्त कर लेता है, और मंगल के उग्र प्रभाव क्षीण हो जाते हैं। परंतु यह नियम absolute नहीं है — कई कुंडलियों में: • मंगल अत्यंत प्रबल है (उच्च का, स्व-राशि का) • मंगल पर अशुभ ग्रहों की दृष्टि है (राहु, शनि) • मंगल केतु से युक्त है ऐसे मामलों में दोष 28 वर्ष बाद भी प्रभावी रह सकता है। इसलिए केवल आयु पर न जाएं — कुंडली का विस्तृत विश्लेषण करें।
🕉️ पराशरीय श्लोक

अष्टाविंशत्यब्दानां भौमदोषो विनश्यति।

— अट्ठाईस वर्ष की आयु के बाद मंगल दोष का प्रभाव क्षीण हो जाता है।

📿 मानसागरी, अध्याय 4

💬 आचार्य Vivek जी का अनुभव

मैंने कई ऐसे केस देखे हैं जहाँ 30+ की उम्र में मांगलिक व्यक्ति का विवाह हुआ और सफल रहा। पर इसका मतलब यह नहीं कि 28 के बाद कुंडली देखे बिना ही निर्णय ले लें। सावधानी आवश्यक है।

विशेष वैदिक उपाय

यदि आयु 28+ है और विवाह में देरी हो रही है — मंगल शांति पाठ, हनुमान साधना, मंगल यंत्र की पूजा करें। 21 मंगलवार का व्रत विशेष लाभकारी।

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