हनुमान चालीसा (40 श्लोक) तुलसीदास द्वारा रचित — साढ़ेसाती, मांगलिक, राहु-केतु दोष, मानसिक भय, और शत्रु-बाधा का सबसे शक्तिशाली निवारक। मंगलवार-शनिवार सुबह सूर्योदय के बाद, या रात्रि सोने से पहले 7 बार पाठ करें। 7-11 बार रोज़ाना पाठ से 40 दिनों में स्पष्ट परिवर्तन।
भूत-पिशाच निकट नहिं आवै, महावीर जब नाम सुनावै।
— भूत-पिशाच पास नहीं आते जब महावीर हनुमान का नाम सुनाते हैं।
📿 हनुमान चालीसा, श्लोक 22
मैं अपने सभी clients को कहता हूं — कोई भी समस्या हो, हनुमान चालीसा से शुरू करो। मेरे personal experience में 33 साल में ऐसी कोई समस्या नहीं देखी जो हनुमान चालीसा के regular पाठ से कम न हुई हो। यह 'guaranteed' है — बस श्रद्धा चाहिए।
रोज़ सुबह स्नान के बाद हनुमान चालीसा 7 बार। मंगल-शनिवार 11 बार। बड़ी समस्या के लिए 40 दिनों का अनुष्ठान। हर मंगलवार हनुमान मंदिर में सिंदूर अर्पण।
हर कुंडली अद्वितीय होती है। 33+ वर्षों के अनुभव के साथ आचार्य Vivek Mudgal आपकी जन्म कुंडली का गहन Parashari विश्लेषण करेंगे।
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