पूर्ण मांगलिक तब बनता है जब मंगल कुंडली के 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में बिना किसी शुभ ग्रह की दृष्टि के स्थित हो। आंशिक मांगलिक में मंगल इन्हीं भावों में हो परंतु गुरु, शुक्र या चंद्र की शुभ दृष्टि से प्रभाव कम हो जाता है। आंशिक मांगलिक का असर 30-50% कम होता है।
शुभदृष्ट्या युतो वापि कुजदोषो विनश्यति।
— शुभ ग्रह की दृष्टि या युति होने पर मंगल दोष नष्ट हो जाता है।
📿 जातक पारिजात, अध्याय 7
मेरे पास हर हफ्ते 4-5 ऐसे case आते हैं — 'मेरी बेटी मांगलिक है, क्या करें?' मैं पहले कुंडली देखता हूं। 60% मामलों में आंशिक मांगलिक होता है, और मैं माता-पिता को कहता हूं — गैर-मांगलिक से शादी हो सकती है, बस कुंडली मिलान deep करवाओ।
मांगलिक की तीव्रता जानने के लिए — पूर्ण कुंडली विश्लेषण करवाएं। तीव्रता के अनुसार ही उपाय करें — पूर्ण मांगलिक के लिए कुम्भ-विवाह; आंशिक के लिए सिर्फ हनुमान चालीसा + मंगलवार व्रत पर्याप्त।
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