नीलम सबसे शक्तिशाली परंतु संवेदनशील रत्न है। शनि-दशा या साढ़ेसाती में पहनना लाभकारी हो सकता है, परंतु गलत समय पर उल्टा प्रभाव। अनिवार्य trial: 3-5 दिन धागे में बांधकर पहनें — यदि स्वप्न-दोष, दुर्घटना, धन-हानि हो तो तुरंत निकाल दें। Authentic, untreated, 4+ रत्ती का नीलम ही धारण करें।
नीलं शनेः परीक्ष्य धार्यं फलप्रदं भवेत्।
— नीलम को अच्छी तरह परीक्षण करके पहनना चाहिए, तभी फलदायी होता है।
📿 रत्न-शास्त्र (बृहत् रत्नाकर)
नीलम के बारे में मेरा एक सख्त नियम है — कुंडली देखे बिना मैं किसी को नहीं देता। मैंने ऐसे लोगों को देखा जिन्होंने jeweler के कहने पर नीलम पहना और 1 हफ्ते में बड़ा accident हो गया। शनि साढ़ेसाती के middle phase या शनि-दशा में ही यह श्रेष्ठ काम करता है।
नीलम trial protocol: 5 दिन धागे में बांधकर बायें हाथ की मध्यमा में पहनें। हर रात पहले-बाद के अनुभव लिखें। अनुकूल हो तो ही ring में सेट करवाएं। personal consultation strongly recommended।
हर कुंडली अद्वितीय होती है। 33+ वर्षों के अनुभव के साथ आचार्य Vivek Mudgal आपकी जन्म कुंडली का गहन Parashari विश्लेषण करेंगे।
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