यह आधी सच्चाई है। शास्त्र कहते हैं कि दोनों जीवनसाथी मांगलिक हों तो दोष परस्पर निरस्त हो जाता है। परंतु यदि एक व्यक्ति का मंगल शुभ ग्रहों से दृष्ट हो या उच्च का हो, तो गैर-मांगलिक से भी विवाह सफल हो सकता है। पूर्ण कुंडली मिलान आवश्यक है।
भौमदोषो भयं नास्ति शुभदृष्टे च लग्नतः।
— यदि लग्न पर शुभ ग्रहों की दृष्टि हो, तो मांगलिक दोष का भय नहीं रहता।
📿 जातक पारिजात, अध्याय 7
हाल ही में एक परिवार आया — बेटी के 12 रिश्ते टूट चुके थे क्योंकि वह 'मांगलिक' थी। मैंने कुंडली देखी — मंगल 12वें में जरूर था, परंतु गुरु की पूर्ण दृष्टि भी थी। तकनीकी मांगलिक, असर नगण्य। मैंने एक गैर-मांगलिक व्यक्ति से विवाह की अनुमति दी — आज वे बहुत सुखी हैं।
विवाह से पूर्व दोनों पक्षों की सम्पूर्ण कुंडली विश्लेषण कराएं — केवल मांगलिक status पर निर्णय न लें। नवांश कुंडली, सप्तम भाव का स्वामी, और दशा क्रम भी देखें।
हर कुंडली अद्वितीय होती है। 33+ वर्षों के अनुभव के साथ आचार्य Vivek Mudgal आपकी जन्म कुंडली का गहन Parashari विश्लेषण करेंगे।
🪔 आज केवल 3 personal consultation slots उपलब्ध हैं
अभी Book करेंऔर भी देखें
आचार्य Vivek जी द्वारा निर्मित — सभी निःशुल्क, सटीक, और पराशरीय शास्त्र पर आधारित।
Swiss Ephemeris + पराशरीय फलादेश
खोलें36 गुण + मांगलिक विश्लेषण
खोलें12 राशियाँ + आज का आकाश दर्शन
खोलेंतिथि, नक्षत्र, राहु काल, मुहूर्त
खोलें3-card spread + combined reading
खोलेंमूलांक + भाग्यांक विश्लेषण
खोलेंमन्त्र, रुद्राक्ष, रत्न — 9 ग्रह
खोलें ₹99AI पराशरीय उत्तर • मात्र ₹99
खोलें47+ शास्त्र-सम्मत प्रश्नोत्तर
खोलेंपराशरीय लेख + remedies
खोलें