मांगलिक दोष के मुख्य उपाय हैं — मंगलवार के व्रत, हनुमान चालीसा पाठ, मंगल मंत्र जप, मूँगा रत्न धारण (कुंडली के अनुसार), कुम्भ-विवाह या अश्वत्थ-विवाह विधि (विशेष मामलों में), और लाल वस्त्र-दाल का दान।
कुजः शुभग्रहैर्दृष्टो दोषं नैव करोत्यलम्।
— यदि मंगल पर शुभ ग्रहों (गुरु, शुक्र, चंद्र) की दृष्टि हो, तो वह दोष नहीं देता।
📿 फलदीपिका, अध्याय 3
मैं हमेशा कहता हूँ — रत्न और कुम्भ-विवाह जैसे उपाय बिना सम्पूर्ण कुंडली विश्लेषण के कभी न करें। एक गलत रत्न उल्टा प्रभाव दे सकता है। पहले मांगलिक की 'तीव्रता' मापी जाती है — फिर उसी अनुपात में उपाय निर्धारित होता है।
मूल उपाय (हर मांगलिक के लिए सुरक्षित): प्रत्येक मंगलवार सुबह 7 बजे से पहले स्नान — हनुमान मंदिर में सिंदूर अर्पण व चालीसा का 11 पाठ — गुड़-चने का प्रसाद वितरण।
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