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मांगलिक दोष में सबसे शुभ ग्रह कौन है जो दोष को कम करता है?

गुरु (बृहस्पति) सबसे प्रभावी शुभ ग्रह है — यदि वह मंगल पर अपनी दृष्टि डाले, तो दोष लगभग समाप्त हो जाता है। शुक्र और चंद्र भी सहायक होते हैं। पूर्ण निरस्तीकरण के लिए गुरु की पूर्ण दृष्टि (5/7/9वीं) आवश्यक है।

वैदिक ज्योतिष में गुरु (बृहस्पति) को 'देव-गुरु' कहा गया है — और उनकी दृष्टि किसी भी अशुभ योग को लगभग समाप्त कर देती है। मांगलिक दोष भी इसका अपवाद नहीं। **दोष-निवारक ग्रह क्रम (शास्त्र के अनुसार):** 1. गुरु (बृहस्पति) — सर्वोच्च प्रभाव, पूर्ण दृष्टि से दोष लगभग समाप्त 2. शुक्र — विवाह कारक होने से सहायक, परंतु गुरु जितना प्रबल नहीं 3. चंद्र — कोमलता प्रदान करता है, क्रोध-रोष कम करता है 4. बुध — संवाद-कुशलता बढ़ाता है, परंतु दोष को सीधे कम नहीं करता **दोष-वर्धक ग्रह:** • शनि, राहु, केतु — मंगल पर इनकी दृष्टि हो तो दोष और बढ़ जाता है • सूर्य की दृष्टि से 'अहं-संघर्ष' बढ़ता है
🕉️ पराशरीय श्लोक

गुरुदृष्टे कुजे दोषो न भवेत् कुलक्षणम्।

— जब गुरु की दृष्टि मंगल पर हो, तो उसका दोष कुल का अहित नहीं करता।

📿 सारावली, अध्याय 12

💬 आचार्य Vivek जी का अनुभव

सबसे ज्यादा सुखद विवाह वे होते हैं जहाँ कुंडली में मंगल पर गुरु की पूर्ण 5वीं या 9वीं दृष्टि हो। ऐसी कुंडली में मांगलिक होते हुए भी जीवन शांत और संपन्न होता है।

विशेष वैदिक उपाय

यदि गुरु की दृष्टि कमजोर है, तो गुरुवार का व्रत — पीला वस्त्र — केले के पेड़ की पूजा — 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' का जप करें।

🕉️ पराशर शास्त्र विशेषज्ञ

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