करियर निर्धारण के लिए मुख्यतः 4 कारक देखे जाते हैं — दशम भाव (कर्म स्थान), दशमेश की स्थिति, सूर्य-शनि की भूमिका, और दशम भाव में बैठे ग्रह। प्रत्येक ग्रह अलग पेशे का प्रतिनिधित्व करता है — सूर्य (सरकार/नेतृत्व), चंद्र (जल/यात्रा), मंगल (रक्षा/engineering), बुध (व्यापार/लेखन), गुरु (शिक्षा/धर्म), शुक्र (कला/luxury), शनि (सेवा/श्रम)।
दशमेऽपि शुभो दृष्टो यशोराज्यप्रदायकः।
— दशम भाव में शुभ ग्रह की दृष्टि होने पर यश और राज्य (सरकारी पद) की प्राप्ति होती है।
📿 बृहत् पराशर होरा शास्त्र, अध्याय 36
आज की पीढ़ी का सबसे बड़ा सवाल — 'क्या IT में जाऊं या UPSC में? Engineering या business?' मेरा हमेशा यही जवाब है — अपनी कुंडली का दशमेश + AmK देखो। अगर बुध strong है तो IT/finance, अगर सूर्य-शनि strong हैं तो UPSC/judiciary। ग्रहों के विरुद्ध जाकर success मुश्किल होती है।
यदि दशम भाव कमजोर है — सूर्य को रोज़ अर्घ्य दें, शनिवार को पीपल पूजन, गुरुवार को पीला दान। कारक ग्रह (आपकी कुंडली का) के अनुसार विशेष मंत्र जप करें।
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