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Vivek Mudgal AstrologerVivek Mudgal Astrologer General 4 May 2026 Last updated 8 October 2026

10 मई से 14 मई शुरू हो रहे हैं 'रोग पंचक': जानें क्या करें और क्या न करें – एक संपूर्ण मार्गदर्शिका (2026)

क्या 10 मई से 14 मई शुरू होने वाला पंचक आपके कार्यों में बाधा डालेगा? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार का 'रोग पंचक' स्वास्थ्य और सुख-शांति के लिए क्यों महत्वपूर्ण है? जानें वर्जित कार्यों की पूरी सूची, इसके पीछे का वैज्ञानिक आधार और पंचक के दौरान विवाह-मुंडन जैसे शुभ कार्यों की असल सच्चाई। अपनी सुरक्षा और समृद्धि के लिए यह संपूर्ण मार्गदर्शिका अभी पढ़ें!"

10 मई से 14  मई  शुरू हो रहे हैं 'रोग पंचक': जानें क्या करें और क्या न करें – एक संपूर्ण मार्गदर्शिका (2026)

10 मई से शुरू हो रहे हैं 'रोग पंचक': जानें क्या करें और क्या न करें – संपूर्ण मार्गदर्शिका

ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे समय बताए गए हैं जब प्रकृति की ऊर्जा में भारी बदलाव आता है। इन्हीं में से एक काल है 'पंचक'। मई 2026 में पंचक की शुरुआत 10 मई से हो रही है।

चूंकि यह रविवार से शुरू हो रहा है, इसलिए इसे 'रोग पंचक' कहा जाएगा। आइए इसके पीछे के शास्त्र और विज्ञान को विस्तार से समझते हैं।

पंचक क्या है? (शास्त्रीय संदर्भ)

जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में होता है, तो वह धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों से गुजरता है। इसे ही पंचक कहते हैं।

धनिष्ठा-पंचकं त्याज्यं तृण-काष्ठ-संग्रहे।
दक्षिणाशा-मुखे यात्रा गृह-च्छादन-कर्मणि॥

अर्थ: पंचक में घास-लकड़ी इकट्ठा करना, दक्षिण दिशा की यात्रा, घर की छत डलवाना और बिस्तर बनाना वर्जित है।

पंचक के प्रकार और उनका फल

पंचक जिस वार को शुरू होता है, उसका फल वैसा ही होता है:

पंचक का प्रकार दिन प्रभाव
रोग पंचक रविवार शारीरिक और मानसिक कष्ट की आशंका।
राज पंचक सोमवार सरकारी कार्यों में बड़ी सफलता।
अग्नि पंचक मंगलवार निर्माण में सावधानी, कोर्ट केस में जीत।
चोर पंचक शुक्रवार धन हानि और यात्रा में जोखिम।
मृत्यु पंचक शनिवार अत्यंत जोखिम भरा समय।

पंचक में वर्जित 5 मुख्य कार्य

  • लकड़ी का संचय: निर्माण या ईंधन के लिए लकड़ी इकट्ठा न करें।
  • घर की छत (लेंटर): इस समय छत डलवाना धन हानि का कारण बन सकता है।
  • बिस्तर या चारपाई: नया पलंग खरीदना या बुनना वर्जित है।
  • दक्षिण की यात्रा: दक्षिण दिशा (यम की दिशा) की यात्रा कष्टकारी हो सकती है।
  • अंतिम संस्कार: मृत्यु होने पर विशेष पंचक शांति (कुशा के पुतले) जरूरी है।

क्या पंचक में मांगलिक कार्य हो सकते हैं?

हाँ! विवाह, मुंडन और सगाई जैसे कार्य किए जा सकते हैं। उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र शुभ माने गए हैं। केवल निर्माण और यात्रा से जुड़े उपर्युक्त 5 कार्यों में ही सावधानी बरतनी चाहिए।

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Vivek Virat Mudgal — Founder of ViratAstro
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Vivek Virat Mudgal

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